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Saturday 11th of July 2020
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हज़रत मासूमा स. का एक संक्षिप्त परिचय।

हज़रत मासूमा स. का एक संक्षिप्त परिचय।
अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: हज़रत मासूमा स. (अ) शियों के सातवें इमाम मूसा काज़िम (अ) की बेटी हैं, उनकी माँ हज़रत नजमा ख़ातून हैं, हज़रत मासूमा स. (अ) पहली ज़ीकाद 173 हिजरी में मदीना ...

औलिया ख़ुदा से सहायता मागंना

औलिया ख़ुदा से सहायता मागंना
कमालः वह मन भर दुख़ से अपने से कहने लगा, वाए हो इन मुशरिक व काफ़िर व्यक्तियों व ज़न्दीक़.....पर। कि यह सब आप अपने को एक मुसलमान कहलाते है वाए....हो।मोहम्मदः उस से कहाः किन लोगों ...

शबे आशूर के आमाल

शबे आशूर के आमाल
अल्लाह पाक व पाकीज़ा है सारी तारीफ़ उसी अल्लाह के लिए है अल्लाह के अतिरिक्त कोई माबूद (जिसकी इबादत की जाए) नहीं है अल्लाह सबसे बड़ा है और उसके अतिरिक्त किसी के पास कोई ताक़त ...

मोमिन की नजात

मोमिन की नजात

पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहि व आलेही व सल्लम फ़रमाते हैः मोमिन की नजात अपनी ज़बान को क़ाबू रखने में है।

अज़ादारी और इसका फ़लसफ़ा

अज़ादारी और इसका फ़लसफ़ा
हमारा अक़ीदह है कि शोहदा-ए- इस्लाम मख़सूसन शोहदा-ए-कर्बला के लिए अज़ादारी बरपा करना, इस्लाम की बक़ा के लिए उनकी जाफ़िशानी व उनकी याद को ज़िन्दा रखने का ज़रिया है। इसी वजह से ...

इमाम असकरी अलैहिस्सलाम और उरूजे फिक्र

 इमाम असकरी अलैहिस्सलाम और उरूजे फिक्र
आले मौहम्मद अलैहेमुस्सलाम जो उरूजे फिक्र मे खास मक़ाम रखते है और इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम उन्ही हज़रात मे की एक कड़ी है। शिया सुन्नी दोनो के उलामा ने लिखा है कि एक दिन ...

दुआ-ए-सनमी क़ुरैश

दुआ-ए-सनमी क़ुरैश
इब्ने अब्बास बयान करते हैं कि एक रात मैं मस्जिदे रसूल में गया ताकि नमाज़े शब वहीं अदा करू ,चुनॉचे मैंने हज़रते अमीरूलमोमिनीन (अ.स.) को नमाज़ में मशग़ूल देखा ,एक गोशे में बैठकर ...

क़ुरआने करीम की तफ़्सीर के ज़वाबित

क़ुरआने करीम की तफ़्सीर के ज़वाबित
हमारा मानना है कि क़ुरआने करीम के अलफ़ाज़ को उनके लुग़वी व उर्फ़ी मअना में ही इस्तेमाल किया जाये,जब तक आयत में अलफ़ाज़ के दूसरे मअना में इस्तेमाल होने का कोई अक़्ली या ...

आख़री नबी हज़रत मुहम्मद स. का संक्षिप्त जीवन परिचय।

आख़री नबी हज़रत मुहम्मद स. का संक्षिप्त जीवन परिचय।
अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: एक संपूर्ण और बेहतरीन मॉडल की पहचान और उसे अपना मॉडल बनाना हर बामक़सद ज़िन्दगी जीने वाले आदमी की पैदाइशी ज़रूरत है। इसलिये कि इसका ज़िन्दगी के ...

कव्वे और लकड़हारे की कहानी।

कव्वे और लकड़हारे की कहानी।
एक बार की बात है कि एक गांव में एक ग़रीब लकड़हारा रहता था, वह प्रतिदिन जंगल से लकड़ी काट कर लाता और उन्हें बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालता था। लकड़हारा बहुत गरीब लेकिन ...

नाइजीरिया में सेना द्वारा इस्लामी आंदोलन के कार्यालय पर हमला, दर्जनों घायल + तस्वीरें

नाइजीरिया में सेना द्वारा इस्लामी आंदोलन के कार्यालय पर हमला, दर्जनों घायल + तस्वीरें
अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबनाः रिपोर्ट के अनुसार इस्लामी आंदोलन के कार्यालय पर नाइजीरियाई सेना और पुलिस के हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत चिंताजनक बनी हुई ...

मैराज

मैराज
किताबे मुन्तहल आमाल मे बयान किया गया है कि आयाते क़ुराने करीम और अहादीसे मुतावातिरा से साबित होता है कि परवरदिगारे आलम ने रसुले अकरम स.अ.व.व. को मक्का ए मोअज़्ज़मा से ...

ईरान के इंक़ेलाब का मक़सद, इस्लामी पाक व पवित्र ज़िन्दगी की तलाश थी।

ईरान के इंक़ेलाब का मक़सद, इस्लामी पाक व पवित्र ज़िन्दगी की तलाश थी।
रानी पब्लिक ने इस्लामी इन्क़ेलाब की कामयाबी तक हज़रत इमाम ख़ुमैनी रह. के नेतृत्व में जितने प्रयास किये या इन्क़ेलाब की कामयाबी के बाद इस देश नें जितनी मुश्किलों का सामना ...

शहीदो के सरदार इमाम हुसैन की अज़ादारी

शहीदो के सरदार इमाम हुसैन की अज़ादारी
मोहर्रम का दुःखद महीना फिर आ गया। लोग मोहर्रम मनाने की तैयारी करने लगे हैं। मोहर्रम आने पर बहुत से लोग यह सोचने लगते हैं कि आखिर क्या वजह है कि १४ शताब्दियां बीत जाने के ...

जनाबे फातेमा ज़हरा का धर्म युद्धों मे योगदान

जनाबे फातेमा ज़हरा का धर्म युद्धों मे योगदान
इतिहास ने हज़रत पैगम्बर के दस वर्षीय शासन के अन्तर्गत आपके 28 धर्म युद्धों तथा 35 से लेकर 90 तक की संख्या मे सरिय्यों का उल्लेख किया है। (पैगम्बर के जीवन मे सरिय्या उन युद्धों ...

अमीरुल मोमिनीन अ. स.

अमीरुल मोमिनीन अ. स.
नाम व उपाधियाँ आपका नाम अली व आपके अलक़ाब अमीरुल मोमेनीन, हैदर, कर्रार, कुल्ले ईमान, सिद्दीक़,फ़ारूक़, अत्यादि हैं। माता पिता आपके पिता हज़रतअबुतालिब पुत्र हज़रत अब्दुल ...

हज़रते क़ासिम बिन इमाम हसन अ स

हज़रते क़ासिम बिन इमाम हसन अ स
क़ासिम इमाम हसन बिन अली (अ) के बेटे थे और आप की माता का नाम “नरगिस” था मक़तल की पुस्तकों ने लिखा है कि आप एक सुंदर और ख़ूबसरत चेहरे वाले नौजवान थे और आपका चेहरा चंद्रमा की ...

इमाम जाफरे सादिक़ अलैहिस्सलाम

इमाम जाफरे सादिक़ अलैहिस्सलाम
विलादतआप 17 रबीउल अव्वल 83 हि. को पीर के दिन मदीनाऐ मुनव्वरा मे पैदा।(इरशादे मुफीद पेज न. 413, आलामुल वुरा पेज न. 159)अल्लामा मजलिसी लिखते है कि जब आप बत्ने मादर मे थे तो कलाम फरमाया ...

अभी के अभी......

अभी के अभी......
अभी के अभी हुसैन दे दे जो रन की रज़ा अभी के अभी.......यज़ीद कर दूँ तेरा फेँसला अभी के अभी......  अली का शेर हूँ, अब्बास नाम है मेराचलेगी साथ मेरे अल्कमा अभी के अभी......  तपिश ...

हजरत अली (अ.स) का इन्साफ और उनके मशहूर फैसले|

हजरत अली (अ.स) का इन्साफ और उनके मशहूर फैसले|
रसूल(स.) के बाद धर्म के सर्वोच्च अधिकारी का पद अल्लाह ने अहलेबैत को ही दिया। इतिहास का कोई पन्ना अहलेबैत में से किसी को कोई ग़लत क़दम उठाते हुए नहीं दिखाता जो कि धर्म के ...