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Friday 6th of December 2019
Kalam and Beliefs
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विश्व समुदाय सीरिया की सहायता करे

विश्व समुदाय सीरिया की सहायता करे
मानवाधिकार की एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था ने सीरिया की जनता को त्वरित सहायता प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया है   मानवाधिकार की एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था ने सीरिया की ...

ईरान में पैग़म्बरे आज़म-6 मीज़ाइल अभ्यास

ईरान में पैग़म्बरे आज़म-6 मीज़ाइल अभ्यास
इस्लामी गणतंत्र ईरान में इस्लामी क्रान्ति के संरक्षक बल सिपाहे पासदाराने इंक़ेलाब आज सोमवार से फ़ार्स खाड़ी में पैग़म्बरे आज़म-6 नामक मीज़ाइल अभ्यास आरंभ कर रहा ...

महासचिव के पद पर बान की मून का पुनः चयन

महासचिव के पद पर बान की मून का पुनः चयन
संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा ने 63 वर्षीय बान की मून को एक बार फिर पांच वर्षों के लिए राष्ट्र संघ के महासचिव के पद के लिए चुन लिया है। सुरक्षा परिषद के पंद्रह सदस्यों ने भी ...

दुआ ऐ सहर

दुआ ऐ सहर
ऐ गमो अन्दोह मे मेरी पनाहगाह या मफज़ई इन्दा कुरबती يَا مَفْزَعِي عِنْدَ كُرْبَتِي ऐ मुश्किलो मे मेरी मदद करने वाले या ग़ौसी इन्दा शिद्दती وَ يَا غَوْثِي عِنْدَ شِدَّتِي मै ...

फ़ज्र के नमाज़ के बाद की दुआऐ

फ़ज्र के नमाज़ के बाद की दुआऐ
  ऐ माबूद! मोहम्मद व आले मोहम्मद पर रहमत नाजिल फ़रमा और हक में इख्तालाफ़ के मकाम पर अपने हुक्म से मुझे हिदायत दे! बेशक तू जिसे चाहे सीढ़ी राह की हिदायत फरमाता ...

बेनियाज़ी

बेनियाज़ी
नबी ए अकरम (स) ने फ़रमाया: خيرالغني غني النفس बेहतरीन बेनियाज़ी नफ़्स की बेनियाज़ी है। तबीयत एक अच्छा मदरसा है जिसकी क्लासों में तरबीयत की बहुत सी बातें सीखी जा सकती हैं। तबीयत ...

सलाह व मशवरा

सलाह व मशवरा
कामों में दूसरों से मशवरा करो।   समाजी तरक़्क़ी का एक पहलू मशवरा करना है। मशवरा यानी मिलकर फ़िक्र करना। इसमें कोई शक नही है कि जो लोग मशवरा करते हैं, उनमें अक़्ल व फ़िक्र ...

हिदायत व रहनुमाई

हिदायत व रहनुमाई
  और मैने तुम्हे नसीहत की मगर तुम नसीहत करने वालों को पसंद नही करते। सूरः ए आराफ़ आयत 78   समाजी ज़िन्दगी, दर अस्ल इंसान का बहुत से नज़रियों व अफ़कार से दो चार होना है। उनमें ...

राह के आख़री माना

राह के आख़री माना
रहरवाने राहे ख़ुदा के सामने सबसे मुश्किल काम “इख़लास ” है और इस राह में सबसे ख़तरनाक मानेअ शिर्क में आलूदगी और “रिया” हैं। यह मशहूर हदीस तमाम रहरवाने राहे ख़ुदा की कमर को ...

अरफ़ा, दुआ और इबादत का दिन

अरफ़ा, दुआ और इबादत का दिन
दुआ इबादत की रूह है। जो इबादत दुआ के साथ होती है वह प्रेम और परिज्ञान को उपहार स्वरूप लाती है। दुआ ऐसी आत्मिक स्थिति है कि जो इंसान और उसके जन्मदाता के बीच मोहब्बत एवं लगाव ...

इरादे की दृढ़ता

इरादे की दृढ़ता
बहुत से जवान इरादे की कमज़ोरी और फ़ैसला न करने की सलाहियत की शिकायत करते हैं कहते हैं कि हमने बुरी आदत को छोड़ देने का फ़ैसला किया लेकिन उसमें सफल नही हुए इमाम अली (अ) की नज़र ...

ज़ियारते हज़रत मासूमा-ए-क़ुम (स:अ)

ज़ियारते हज़रत मासूमा-ए-क़ुम (स:अ)
अल्लाहो अकबर X 3 सुभान अल्लाह X 3 अलहम्दो लिल्लाह X 3 अस्सलामो अ’ला आदम सफ़’वातिल्लाहे अस्सलामो अ’ला नूहीन-नबी'य्यिलाहे अस्सलामो अ’ला इब्राहीमा ख़ली'लिल्लाहे अस्सलामो ...

रोज़े आशूरा के आमाल

रोज़े आशूरा के आमाल
रोज़े आशूरा मुहम्मद और आले मुहम्मद (स.अ.) पर मुसीबत का दिन है। आशूर के दिन इमाम हुसैन अ. ने इस्लाम को बचाने के लिए अपना भरा घर और अपने साथियों को ख़ुदा की राह में क़ुर्बान कर ...

ज़ीक़ाद महीने के आमाल

ज़ीक़ाद महीने के आमाल
 कुरान में जिन महीनो को हुरमत वाले महीने करार दिया गया है, यह इनमें से पहला महीना है, सैय्यद इब्ने तावूस रावी हैं की ज़ीक़ाद में तंगी दूर होने की दुआ कबूल होती है! इस माह में ...

बक़रीद के महीने के मुख्तसर आमाल

बक़रीद के महीने के मुख्तसर आमाल
वाज़ेह हो कि ज़िलहिज का महीना एक बाअज़मत महीना है, जब इस महीने का चांद नजर आता तो अक्सर सहाबा (रज़ी) व ताबेईन इबादात मे खास अहतेमाम करते थे क़ुराने करीम में इसके पहले दस दिनों ...

शुक्रिये व क़द्रदानी का जज़्बा

शुक्रिये व क़द्रदानी का जज़्बा
शुक्रिये व क़द्रदानी का जज़्बा لئن شكرتم لأزيدنكم अगर तुम ने शुक्र अदा किया तो मैं यक़ीनन नेमतों को ज़्यादा कर दूँगा। सूरः ए इब्राहीम आयत न. 127 इंसान को समाजी एतेबार से एक दूसरे ...

तक़वाए इलाही

तक़वाए इलाही
सब से पहले मैं अपनी ज़ात को और आप तमाम हज़रात को तक़वाए इलाही की वसीयत करता हूँ उस तक़वे की वसीयत जो अल्लाह का मोहकम क़िला और रोज़े क़ियामत का बेहतरीन सरमाया ही नही बल्कि ...

ज़िक्रे ख़ुदा

ज़िक्रे ख़ुदा
ऐ अज़ीज़म ! इस राह को तै करने के लिए पहले सबसे पहले लुत्फ़े ख़ुदा को हासिल करने की कोशिश करो और कुरआने करीम के वह पुर माअना अज़कार जो आइम्माए मासूमीन अलैहिम अस्सलाम ने बयान ...

दुनिया में दो तरह के अख़लाक़

दुनिया में दो तरह के अख़लाक़
दुनिया में दो तरीक़े के अच्छे अखलाक़ पाये जाते हैं   रियाकाराना अखलाक़ (दुनियावी फ़ायदे हासिल करने के लिए) मुख़लेसाना अखलाक़ (जो दिल की गहराईयों से होता है)   पहली क़िस्म ...

ख़ुदसाज़ी(स्वयंसुधार)

ख़ुदसाज़ी(स्वयंसुधार)
ख़ुद को सँवारने का बेहतरीन ज़माना जवानी का दौर है। इमाम अली (अ) अपने बेटे इमाम हसन (अ) से फ़रमाते हैं: انما قلب الحدث کالارض الخالِِيه ما القِِى فِِيها من شِِي قبلته فبادرتک بالادب قبل انِِ يقسوا قلبک و ِِ ...